मंगलवार, 3 जून 2014


गंगे तव दर्शनात मुक्तिः...........
विष्णुपदी माँ गंगा का प्राकट्य पर्व गंगा दशहरा ८ जून रबिवार को है सूर्यवंशी महाराजा भागीरथ का अपने पितामहों का उद्धार करने का संकल्प
लेकर हिमालय पर्वत पर घोर तपस्या करके गंगा माँ प्रसन्न किया, जिसके फलस्वरूप ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को हस्त नक्षत्र, बृषभ राशिगत सूर्य
एवं कन्या राशिगत चन्द्र की यात्रा के मध्य गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ ! इनकी महिमा का गुणगान करते हुए भगवान
महादेव श्रीविष्णु से कहते हैं कि हे हरे ! ब्राहमण की शापाग्नि से दग्ध होकर भारी दुर्गति में पड़े हुए जीवों को गंगा के शिवा दूसरा कौन
स्वर्गलोक में पहुँचा सकता है क्योंकि गंगा शुद्ध, विद्यास्वरूपा, इच्छा ज्ञान एवं क्रियारूप, दैहिक, दैविक और भौतिक तीनों तापों को शमन करने
वाली, धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों को देने वाली शक्ति स्वरूपा हैं, इसीलिए इन आनंदमयी, शुद्ध धर्मस्वरूपिणी, जगत्धात्री,
 ब्रह्मस्वरूपिणी अखिल विश्व कि रक्षा करने वाली गंगा को मै अपने मस्तक पर धारण करता हूँ ! कलयुग में काम, क्रोध, मद, लोभ, मत्सर,
इर्ष्यादि अनेकानेक विकारों का समूल नाश करने में गंगा के सामान कोई और नही है ! विधिहीन, धर्महीन आचरणहीन, मनुष्यों को भी गंगा का
सानिध्य मिलजाय तो वह मोह एवं अज्ञान के भव सागर से पार हो जाता है, इसदिन ''ॐ नमः शिवाय नारायन्यै दशहरायै गंगायै स्वाहा'' मन्त्रों के
द्वारा गंगा का पूजन करने से जीव को मृत्युलोक में बार-बार भटकना नहीं पड़ता ! गंगा दशहरा को लेकर शास्त्रों कई ज्योतिषीययोग ग्रहयोग
बताएं गए हैं जिनमे जब गंगा दर्शन, स्नान, पूजन दान, जप, तपादि अति शुभ हो जाता है ! बहुत से विद्वानों का मत है कि निष्कपट भाव से
इनके दर्शन करने मात्र से जीव को कष्ट से मुक्ति मिल जाती है इसवर्ष इसदिन हस्त नक्षत्र होने के परिणामस्वरूप गंगा स्नान अति पुण्यदाई
रहेगा ! पं जयगोविंद शास्त्री

शनिवार, 31 मई 2014


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  की सरकार
  एनडीए के शपथ ग्रहण के लिए मारकेश की सूक्ष्मदशा तक समाप्त होने की हुई प्रतीक्षा !
स्वतंत्र भारत के इतिहास में शायद यह पहला कालखण्ड है जब किसी पार्टी के सदस्यों ने चुनाव के लिए पर्चा भरने से लेकर सरकार के गठन
तक सूक्ष्म से सूक्ष्म मुहूर्तों को ध्यान में रखकर शपथ ली हो ! यहाँतक कि श्री नरेंद्र मोदी जी के शपथ ग्रहण मुहूर्त तुला लग्न, के लिए मारकेश
मंगल की सूक्ष्मदशा तक समाप्त होने की प्रतीक्षा की गई जो शायं 06 बजकर 09 मिनट पर समाप्त हुई ! जनता की उम्मीदों पर कितनी खरी
उतरेगी मोदी सरकार, कैसा रहेगा इस सरकार का भविष्य..? इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं !
मोदी सरकार का शपथ ग्रहण ज्येष्ठ कृष्णपक्ष त्रयोदशी सोमवार को भरणी नक्षत्र, शोभन योग, तुला लग्न और मेष राशि के चन्द्र की
यात्रा के मध्य शायं 06 बजकर 12 मिनट पर हुआ ! तुला लग्न की एनडीए सरकार की कुंडली में लग्न में ही शनि और राहू बैठे हैं जिनके
द्वारा निर्मित पंचमहापुरुष योगों में प्रधान 'शशक' एवं चक्रवर्ती योग, राहू द्वारा निर्मित महान कुटनितिज्ञ और कुशल सेनापति योग बना है
इस लग्न पर लग्न के स्वामी शुक्र की पूर्ण दृष्टि है साथ ही केतु, चन्द्रमा और गुरु की पूर्ण दृष्टी भी है जो सरकार के काम-काज एवं निर्णय
लेने में मजबूती लाएगी ! सप्तम भाव में चन्द्र, केतु, शुक्र एवं अष्टमभाव में सूर्य बैठे हैं जबकि बुध-गुरु नवम भाग्यभाव तथा मंगल द्वादश
हानिभाव में बैठे हैं ! कुंडली पर गौर करे तो केंद्र और त्रिकोण में सात ग्रह बैठे है, जो सरकार को पूरी मजबूती देने के लिए प्रतिबद्ध हैं
केवल सूर्य और मंगल ही केंद्र-त्रिकोण से बाहर है ! इसलिए लग्न में ही जनता के कारक उच्चराशिगत शनिदेव का बैठना साथ ही उनके साथ राहू की
युति सरकार के लिए निर्णय लेने जनप्रिय सरकार बनाने की दृष्टि से  वरदान सिद्ध होगी इन दोनों ग्रहों के शुभ प्रभाव स्वरुप सरकार जनहित में कई
कठोर फैसले लेगी जिसके दूरगामी परिणाम अति सकारात्मक रहेंगें शनिदेव मृत्युलोक के दंडाधिकारी भी है इसलिए न्यायालय संबंधी मामलों का भी
कठोरता से पालन करते हुए भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी ! यही ग्रह स्थिति सरकार का सबसे मजबूत पक्ष भी है !
लग्न के अतिरिक्त इस कुंडली का भाग्य भाव भी अति बलवान है ! भाग्येश बुध का अपनी ही राशि मिथुन में बैठना साथ ही पराक्रमभाव के स्वामी
बृहस्पति के साथ बुध की युति हमारी विदेश निति को मजबूत तो करेगा ही साथ ही व्यापार की दृष्टि से आयात-निर्यात के सेक्टर्स का लिए अति
लाभकारी सिद्ध होगा ! कुंडली के सप्तम भाव में लग्नेश शुक्र और कर्म भाव के स्वामी चन्द्रमा की केतु के साथ युति, उस पर भी शनि, राहू और मंगल
की पूर्ण दृष्टि के फलस्वरूप सरकार परिवहन, विज्ञान एवं टेक्नोलोजी के क्षेत्र में सफलता के नए आयाम कायम करेगी !
वर्तमान समय में मोदी सरकार पर शुक्र की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा 08 अप्रैल 2016 तक चलेगी ! सरकार के लिए ये लगभग 23 महीने अति
महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे ! इसी दशा के मध्य सरकार का आगे का भविष्य भी छुपा हुआ है ! उसके बाद 08 अप्रैल तक 2017तक
सूर्य, 08 दिसम्बर 2018 तक चन्द्रमा की अंतर्दशा चलेगी ! इस सरकार की कुंडली में सबसे बड़ा चौकाने वाला एक पहलू और भी है कि जब इस
देश में सत्रहवीं लोकसभा चुनाव '2019' की तैयारी हो रही होगी तो उस समय इस सरकार पर मारकेश मंगल की अंतर दशा 8दिसंबर 2018 से आरम्भ हो
चुकी होगी, अतः इस सरकार के कार्यकाल के अंतिम 3/4 महीने मान-सम्मान के लिए खतरनाक सिद्ध हो सकते है ! अतः सरकार को कदम कदम पर
सावधान रहना होगा !   पं जयगोविंद शास्त्री

बुधवार, 30 अप्रैल 2014


ग्रहा राज्यं प्रयच्छन्ति ग्रहा राज्यं हरन्ति च !
ग्रहैः व्याप्तमिदं सर्वं त्रैलोक्यं सचराचरम् !!
अर्थात - मनुष्यों को केवल ग्रह ही राज्य देते हैं और ग्रह ही राज्य
हर भी लेते हैं चराचर सहित तीनों लोक सब ग्रहों से ही व्याप्त है !

शनिवार, 19 अप्रैल 2014

माँ कामख्या शक्ति पीठ गौहाटी से वापसी के समय एयर पोर्ट पर.................

सोमवार, 17 मार्च 2014

रंगों का त्यौहार लाये आपके जीवन में लाये खुशियों बहार,
आपके लिए दिल से यही कामना करता है ''शिवसंकल्पमस्तु''
 परिवार, होली आप सभी मित्रों के लिए कल्याणकारी रहे !

रविवार, 16 मार्च 2014

रंगोंत्सव के पावन पर्व 'होली' पर आप सभी मित्रों को वेदविज्ञान प्रचार
संस्था 'शिवसंकल्पमस्तु' परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ !

शुक्रवार, 14 मार्च 2014

मित्रों दिल्ली की संस्था ''शिवसंकल्पमस्तु'' द्वारा श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन (म.प्र.) में भव्य/ऐतिहासिक महारुद्र यज्ञ के सफल आयोजन के पश्च्यात अब गुजरात के सौराष्ट्र में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर महारुद्र यज्ञ की तैयारियों का शुभारंभ ! आप सादर निमंत्रित हैं, तारीखें शीघ्र ही घोषित की जायेंगी ! पं जयगोविंद शास्त्री संस्थापक/अध्यक्ष 'शिवसंकल्पमस्तु संस्था' (पंजी) दिल्ली