बुधवार, 3 जनवरी 2018

तुला राशि- रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते | सातवीं राशि वर्ष 2018 |
इस राशि वालों के लिए वर्ष का ग्रहगोचर कई खट्टे-मीठे अनुभवों का सामना करवायेगा, एक ओर पारिवारिक तनाव और बढ़ी जिम्मेवारियाँ
मानसिक कष्ट पहुचा सकती हैं तो दूसरी ओर भावनाओं में बहकर कोई भी गलत निर्णय कार्य-व्यापार में हानि भी दे सकता है | भाइयों से
मतभेद वर्षांत अक्तूबर तक चलेगा किन्तु इसी योग से आपके साहस-पराक्रम की वृद्धि होगी और ऊर्जा शक्ति भी निरंतर बढ़ती रहेगी |
बृहस्पति का तुला राशि में होना अति आत्मविश्वास पैदा करेगा सावधान रहें, राजनीतिज्ञ अथवा राजनेताओं से गहरे संबंध बनेंगे जिसका
परिणाम दूरगामी किन्तु सुखद रहेगा | विद्यार्थियों, प्रतियोगिता में बैठने वालों, प्रेम प्रसंग तथा संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले नव-
दम्पत्तियों के लिए यह योग बेहतरीन कामयाबी देगा यदि आप थोडा सा भी कठिन परिश्रम करलें तो परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने
से कोई नहीं रोक पायेगा |पति/पत्नी भाव पर गुरु की दृष्टि विवाह में आ रही अड़चने तो दूर करेगी साथ व्यापार के क्षेत्र में लाभ के अनेक
श्रोत बनायेगी | सकारात्मक सोच और कुशल कार्यक्षमता से इसवर्ष आपकी सफलता का ग्राफ 80 प्रतिशत तक रहेगा |
शुभअंक- 6,माह की 15 और 24 तारीखें भी सुखद परिणाम वाली रहेंगी, शुभदिन- बुधवार, शुक्रवार, शनिवार | शुभरंग- श्वेत, हरा, काला,
नीला, जामुनी | शुभरत्न- हीरा, पन्ना, नीलम |  स्वास्थ्य- शगर, लीवर और यौन रोग से बचें |
जब आप मुस्करायेंगे-
जनवरी- पारिवारिक कलह से तनाव-मानसिक पीड़ा, वैवाहिक जिम्मेवारियाँ पूर्ण होगी, नए प्रेमप्रसंग का आरम्भ होगा |
फरवरी- नए कार्य-व्यापार आरम्भ कर सकते हैं, सामाजिक रुतबा बढेगा, विलासिता एवं अन्य भौतिक सुखों पर व्यय |
मार्च- शिक्षा प्रतियोगिता में आशानुरूप सफलता, नौकरी में पदोंन्नति, शासन सत्ता का भरपूर सहयोग मिलेगा |
अप्रैल- मकान-वाहन के क्रय का योग, माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें, दाम्पत्य जीवन में कटुता न आने दें |
मई- विवाह में अड़चने, अग्नि और विष बचें, बाधाओं के बावजूद बेहतरीन कामयाबी, विद्यार्थियों के लिए समय शुभ |
जून- विश्वासघात से बचें, दाम्पत्य जीवन में भी तनाव के योग किन्तु, आपके द्वारा लिए गये निर्णय सराहनीय होंगे |
जुलाई- सूर्य-शनि का परस्पर दृष्टि संबंध अतः वाहन सावधानी पूर्वक चलायें दुर्घटनाओं से बचें, योजनाओं को लागु करें |
अगस्त- पद एवं गरिमा की वृद्धि होगी, शीर्ष अधिकारियों मधुर संबंध, नए रोजगार के योग तथा मकान-वाहन का सुख |
सितंबर- शासन सत्ता का भरपूर सहयोग मिलेगा, हृदय, नेत्र विकार एवं माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहें |
अक्टूबर- अपनी जिद-आवेश को नियंत्रण करें, कटुवाणी प्रयोग से बचें, विदेश यात्रा एवं देशाटन का लाभ, शत्रु परास्त होंगे |
नवंबर- कार्ययोजनाओं से अप्रत्याशित लाभ के योग, प्रतीक्षित परिणाम सकारात्म्क रहेंगे, मुकदमों एवं शत्रुओं पर विजय |
दिसंबर- मान-सम्मान में वृद्धि विदेश यात्रा के योग, उच्चाधिकारियों से सहयोग मिलेगा, प्रतिष्ठा में निरंतर वृद्धि होगी |
उपाय- वर्षपर्यंत भगवान शिव की आराधना और ॐ नमः शिवाय का जप करते रहना सभी कष्टों से मुक्ति देगा |
पं जयगोविंद शास्त्री 
बृश्चिक राशि- तो, न, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू ( आठवीं राशि )2018
इस राशि वालों के लिए वर्षपर्यंत शनि की उतरती शाढ़ेसाती का सकारात्मक प्रभाव रहेगा, गोचर की तुलना में वर्ष के आरम्भ से शनि, सूर्य
और शुक्र राशि से द्वितीय धनभाव में बैठे हैं जिनके फलस्वरूप आपको स्वास्थय सम्बन्धी परेशानी और पारिवारिक कलह का सामना करना
पड़ेगा | आपनी वाणी का प्रयोग बहुत सोच-समझकर करें क्योंकि, यही योग आपके लिए आकस्मिक धन प्राप्ति के योग भी बनायेगा | गुरु
व्यय भाव में बैठना तीर्थ यात्रायें और सामाजिक कार्यों में अधिक खर्च करायेगा | व्यापारिक वर्ग के लिए वर्ष बेहतरीन रहेगा किन्तु आपके
व्यापार में ईमानदारी और पारदर्शिता अधिक रहनी चाहिए, यदि कोई नया कार्य-व्यापार आरम्भ करना चाहें या नया अनुबंध करना चाहें तो
वर्ष अच्छा परिणाम देगा| विद्यार्थी वर्ग अथवा शिक्षा-प्रतियोगिता में बैठने वालों के लिए कठिन परीक्षा लेने वाला रहेगा | राजनीतिज्ञ एवं
प्रशासनिक वर्ग अपनी कुशल रणनीति तथा वाक्चातुर्यता के बल पर आप बिषम हालात पर भी नियंत्रण पा लेंगें वर्षपर्यंत आपकी सफलता
का ग्राफ 74 प्रतिशत रहेगा |
शुभअंक 9, किसी भी माह की माह की 18 और 27 तारीखें अधिक सुखद परिणामों वाली रहेंगी |
शुभदिन मंगलवार, गुरुवार एवं रविवार | शुभरंग लाल, केसरिया, गुलाबी, पीला, श्वेत | शुभरत्न मोती, माणिक, मूंगा, पुखराज |
स्वास्थ्य- हार्ट, किडनी, पेट के रोग, मधुमेह एवं स्वांस सम्बंधी रोंगो से बचें |
करियर-  प्रबंधन, रचनात्मक कार्य, लेखन, प्रकाशन संपादन, शिक्षण कार्य, सेना, पुलिस तथा इंजीनियरिंग के सेक्टर्स बेहतर |
जब आप मुस्करा उठेंगे- मई-जून के महीने में अतिशुभ गोचर आपकी कामयाबियों का ग्राफ ऊँचा कर देंगे इस अवधि के मध्य आपके द्वारा
लिए गये निर्णय एवं किये कार्य आपकी सामाजिक प्रभुता-प्रतिष्ठा बढ़ायेंगे | मित्रों सम्बंधियों से मिलने वाला सम्मान आपको मुस्कराने पर
विवश कर देगा |
जनवरी- प्रभाव एवं पराक्रम वृद्धि, महान-वाहन का सुख, साहसिक निर्णय सुखद, रुका हुआ धन वापस आयेगा |
फरवरी- पारिवारिक कलह एवं आपसी मतभेद ने मानसिक पीड़ा, किन्तु कामयाबियों का सिलसिला चलता रहेगा |
मार्च- शीर्ष अधिकारियों से संबंध मजबूत रहेंगे, यात्रा देशाटन पर व्यय, क्रोध या उत्तेजना में गलत निर्णय से बचें |
अप्रैल- जमीन-जायदाद सम्बन्धी लाभ, कार्य व्यापर एवं नौकरी में पदोन्नति, कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजयश्री |
मई- शिक्षा प्रतियोगिता में बेहतरीन सफलता, गुप्तशत्रु परास्त होंगे, विवादित मामलों का निपटारा आपके पक्ष में |
जून- प्रेम प्रसंगों में मनमुटाव, विवाह सम्बन्धी वार्ता सफल रहेगी, मातापिता के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें |
जुलाई- कार्य-व्यापार में बेहतरीन कामयाबी किन्तु दाम्पत्य जीवन में कटुता, रोमांस के मामलों में समय नष्ट न करें |
अगस्त- राशि स्वामी मंगल वक्री अतः भावनाओं अथवा जल्दबाजी में निर्णय न लें, आर्थिक तंगी और कार्य बाधा |
सितंबर- गोचर में सुधार से प्रतियोगिता में सफलता समय अनुकूल, नये कार्य-व्यापार अथवा अनुबंध का श्रीगणेश |
अक्टूबर- बृहस्पति के आपकी राशि में आने से सभी बिगड़े कार्य बनेंगे, मांगलिक कार्यों का सुअवसर-संतान सुख |
नवंबर- कार्य-व्यापार में उन्नति एवं नौकरी में पदोन्नति मिलेगी, विद्यार्थी एवं व्यापारी वर्ग में लिए समय अनुकूल |
दिसंबर- पराक्रम एवं मान-सम्मान में वृद्धि, विदेश यात्रा और देशाटन का आनंद मिलेगा, भौतिक वस्तुओं की प्राप्ति |
उपाय वर्षपर्यंत मंगलवार का व्रत एवं शहद से श्रीरुद्राभिषेक करने से कामयाबियों का ग्राफ और ऊँचा रहेगा |
पं जयगोविन्द शास्त्री
धनु राशि ! ये, यो, भा, भी, भू, ध, फ, ढ, भे, (नौवीं राशि)2018
वर्ष आरम्भ से ही इस राशि पर शनि, सूर्य एवं शुक्र की युति स्वास्थ्य सम्बंधी चिंता, कार्यबाधा, पारिवारिक कलह और मानसिक पीड़ा पहुचायेगी |
आपके द्वारा लिए गये कई निर्णय विषम परिस्तियाँ पैदा कर सकते हैं, जिनका परिणाम आपके लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है इसलिए
कोई भी निर्णय सोचकर समझकर ले जल्दबाजी न करें | सुखद समाचार यह है कि राशि स्वामी बृहस्पति का लाभ भाव में गोचर करना आर्थिक
रूप से मजबूती प्रदान करेगा इनकी शुभ दृष्टि से संतान, शिक्षा और दाम्पत्य जीवन के प्रति बहुत शुभ रहने वाली है | ध्यान दें कि, केतु द्वितीय
और राहु अष्टम भाव में वर्षपर्यंत रहेंगे जिसके फलस्वरूप स्वास्थ्य के प्रति सजग तो रहना ही पडेगा साथ ही षड्यंत्र का शिकार होने से भी बचना
पड़ेगा | व्यापारीवर्ग विशेष करके आयात-निर्यात करने वाले लोंगो को तो कठिन चुनौतियाँ मिलने वाली हैं उन्हें आय में भी कमी का सामान करना
पड़ेगा | विद्यार्थी अथवा किसी भी तरह की शिक्षा-प्रतियोगिता में शामिल होने वाले जातकों के लिए गुरु की शुभ दृष्टि अच्छे सकारात्मक परिणाम
दिलायेगी, वर्षांत तक आपकी सफलता का ग्राफ ७० प्रतिशत तक रहेगा |
शुभअंक- ३, है किसी भी माह की १२, २१ और ३० तारीखें अतिशुभ रहेंगी | शुभदिन रविवार, मंगलवार, गुरुवार | शुभरंग लाल, पीला, गुलाबी |
शुभरत्न पुखराज, माणिक और मूंगा है | स्वास्थ्य की दृष्टि से वर्षपर्यंत मधुमेह, रक्तचाप, ह्रदय और अस्थि रोग से बचे |
करियर की दृष्टि से शिक्षण, न्यायलय, बैंक, बीमा, आईटी, प्रशासनिक सेवा और खेल के क्षेत्र प्रयास करें |
जब आप मुस्करा उठेंगे- अक्तूबर-नवंबर में सूर्य के साथ अन्य ग्रहों द्वारा निर्मित शुभयोग से आपके कार्य-व्यापार में आशातीत कामयाबी,
मांगलिक कार्य, आर्थिक मजबूती, प्रतियोगिता में सफलता और बढ़ती सामाजिक प्रतिष्ठा की अनुभूति मुस्कराने पर विवश कर देगी
माह फलादेश-
जनवरी- बेहतरीन कामयाबियों का दौर यात्रा देशाटन का लाभ मिलेगा, रुके कार्य पूर्ण होने के योग, मकान-वाहन का सुख |
फरवरी- सफलताओं का सिलसिला जारी किन्तु आर्थिक तंगी, कुछ पारिवारिक कलह से मन अशांत, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें |
मार्च- साहस-पराक्रम वृद्धि किन्तु भाइयों से मतभेद, परिवार में मांगलिक कार्य एवं नए मेहमान के आगमन से ख़ुशी |
अप्रैल- विवाह सम्बन्धी वार्ता सफल रहेगी, किसी समृद्धशाली व्यक्ति अथवा संस्थान से लाभ, मकान-वाहन के क्रय का योग |
मई- वक्री गुरु परेशानियों में उलझायेंगें किन्तु, कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजयश्री मिलेगी, नौकरी में पदोन्नति के योग |
जून- नई कार्ययोजना फलीभूत होगी, दाम्पत्य जीवन में कटुता न आने दें, वैवाहिक वार्ता सफल रहेगी संतान प्राप्ति के योग |
जुलाई- अशुभ गोचर के परिणामस्वरूप वाहन दुर्घटना-विवाद से बचें, सरकारी योजनायें लाभप्रद रहेंगी, गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें |
अगस्त- पद एवं गरिमा की वृद्धि आपके लिए गए निर्णयों की सराहना होगी, विपरीत लिंगीय लोंगों के प्रति आकर्षण बढेगा |
सितंबर- शुभ गोचर आर्थिक मजबूती और शुभ समाचारों का आनंद दिलायेंगे, शिक्षा-प्रतियोगिता में अपेक्षित सफलता प्राप्ति |
अक्टूबर- शत्रु परास्त होंगें, मुकदमों में विजय, मकान-वाहन के क्रय का योग, परिवार में मांगलिक कार्यों से प्रसन्नता रहेगी |
नवंबर- धार्मिक कार्यों और यात्राओं पर अधिक व्यय, शादी-विवाह के दायित्व की पूर्ति होगी, कुछ कार्य बाधा के भी योग |
दिसंबर- जिद और कटुवाणी पर नियंत्रण रखें, दाम्पत्य जीवन में मधुरता आयेगी, विदेश यात्रा और देशाटन का लाभ मिलेगा |
उपाय- धनुराशि वाले जातक गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करें, पुखराज पहने तथा अनार के रस से श्रीरुद्राभिषेक करवाएं तो समस्त मनोकामना
पूर्ण होगी और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलेगी | पं जयगोविन्द शास्त्री 
मकर राशि- भो, जा, जी, जू, जे, जो, खा, खी, खू, खे, खो, गा, गी |(दशवीं राशि)2018
इस राशि वालों के लिए ग्रह-गोचर आय के अनेक साधन उपलब्ध करायेंगे, वर्ष आरम्भ से ही राशिस्वामी शनिदेव का स्वयं की राशि पर शाढ़ेसाती
का चलना सकारात्मक परिणाम दिलायेगा | विदेश यात्राओं, विदेशी कंपनियों अथवा आयात-निर्यात का व्यापार करने वालों के लिए साल बेहतरीन
लाभ देगा द्वादश भाव में सूर्य, शुक्र और शनि की युति विलासिता पूर्ण वस्तुओं पर खर्च तो कराएगी साथ ही आँख से सम्बंधित बीमारी भी दे
सकती है इसलिए स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहने की ज़रूरत है | गुरु और मंगल की दशम कर्मभाव में युति मान-सामान पद एवं गरिमा की
वृद्धि करायेगी केंद्र अथवा राज्य सरकार के प्रमुख प्रतिष्ठानों में आपकी मुख्य भूमिका रहेगी आपके द्वारा किये गए कार्य तथा लिए गए निर्णय
सराहनीय रहेंगे | नये कार्य-व्यापार आरम्भ करने वालों, अनुबंध पर हस्ताक्षर करने वालों, विद्यार्थियों अथवा शिक्षा-प्रतियोगिता में बैठने वालों के
लिए कामयाबी की दृष्टि से वर्ष किसी वरदान से कम नहीं है अतः अपने ज्ञान और ऊर्जाशक्ति का भरपूर उपयोग करेंगे तो वर्षांत तक आपकी
सफलता का ग्राफ ८० प्रतिशत रहेगा | शुभअंक ८ है वर्ष के किसी भी माह की १७ और २६ तारीखें भी अधिक सफलता दायक रहेंगी |

शुभदिन- शनिवार, बुधवार तथा शुक्रवार | शुभरंग क्रीम, फिरोजी, हरा, नीला, आसमानी, जामुनी | शुभरत्न- हीरा और नीलम |
स्वास्थ्य- श्याटिका, जोड़ों-घुटनों में दर्द, नेत्रविकार, मधुमेह और स्नायुविक बीमारियों से बचें |
करियर- शिक्षण, प्रशासन, जमीन-जायदाद, परिवहन विभाग, सेना, पेट्रोलियम विभाग, कृषि सम्बंधी विभागों स्टील, आयल, गैस, सीमेंट से सम्बंधित
सेक्टर्स में नौकरी अथवा व्यापार हेतु प्रयास करना सफलता देगा |
जब आप मुस्कराउठेंगे- मई-जून में ग्रह-गोचर आपकी कामयाबियों को बुलंदी पर ले जायेंगे, इस अवधि मध्य मिलने वाली सफलताएँ और सामाजिक
प्रतिष्ठा देख आप मुस्कराने पर विवश हो जायेंगे |
जनवरी- रुकेहुए कार्य बनेंगे, आर्थिक मजबूती और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी, शासनसत्ता के उच्च पदाधिकारी आपकी मदद करेंगें |
फरवरी- अधिक कार्य व्यस्तता से थकान, विवाह सम्बन्धी वार्ता सफल रहेगी, शिक्षा प्रतियोगिता में सफलता नौकरी में उन्नति |
मार्च- आय के अनेक साधन बनेंगे, मकान-वाहन के क्रय का योग, अपनी योजनायें गुप्त रखें, भौतिक वस्तुओं का सुख मिलेगा |
अप्रैल- किसी समृद्धशाली व्यक्ति अथवा संस्थान से लाभ, विदेश यात्रा के योग और शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यों में धन व्यय |
मई- पारिवारिक मतभेद से मानसिक पीड़ा, माता-पिता के स्वास्थय के प्रति सजग रहें, सत्तासीन अधिकारियों से सहयोग मिलेगा |
जून- आपके द्वारा लिए गए निर्णय एवं किये गए कार्य सराहनीय, झगडे विवाद से बचें, नए कार्य-व्यापार एवं अनुबंध के योग |
जुलाई- मांगलिक कार्यों से परिवार में खुशी, व्यापार में अधिक उतार-चढ़ाव रहेगा, यात्रा देशाटन का आनंद और नौकरी में उन्नति |
अगस्त- आय में वृद्धि और आर्थिक मजबूती, मकान-वाहन का सुख, नए प्रेमप्रसंग का आरम्भ एवं विवाह सम्बन्धी वार्ता सफल | 
सितंबर- धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में व्यस्ता-व्यय, आर्थिक बचत के लिए कठिन संघर्ष, जिद और आवेश पर नियंत्रण रखें |
अक्टूबर- दाम्पत्य जीवन में कटुता न आने दें, प्रेमविवाह-रोमांस के लिए समय अनुकूल किन्तु, अग्नि विष एवं दुर्घटना से बचें |
नवंबर- परिवार में विवाद से मानसिक कष्ट, व्यापार में विवाद-बंटवारे का योग, कोर्ट-कचहरी के मामलें आपस में ही सुलझाएं |
दिसंबर- बिषम परिस्थितियों से मुक्ति, भौतिकसुखों पर अधिक वयय, पौरुषका पूर्ण उपयोग करेंगे तो कामयाबियाँ कदम चूमेंगी |
उपाय- गन्ने के रस से श्रीरुद्राभिषेक, शनि स्तोत्र अथवा शनि कवच का पाठ नित्यप्रति करना ही ग्रह दोषों से मुक्ति दिलायेगा | पं जयगोविंद शास्त्री
कुंभ राशि- गू, गे, गो, सा, सी, सु, से, सो, दा | (ग्यारहवीं राशि) 2018
वर्ष आरम्भ के समय से ही सात ग्रह आपके पक्ष में गोचर कर रहे हैं, जिनके प्रभावस्वरूप आपकी हर सोची समझी रणनीतियाँ कारगर सिद्ध होंगी |
शत्रुओं पर विजय तथा कोर्ट-कचहरी में निर्णय आपके पक्ष में जाने के योग बनेंगे | सामाजिक पदप्रतिष्ठा में वृद्धि और मांगलिक कार्यों के सुअवसर
आयेंगें, जहाँ एक ओर शुक्र, शनि एवं सूर्य का एक साथ आयभाव में गोचर करना धनवृद्धि एवं नए अनुबंध पर हस्ताक्षर कराएगा वहीँ वायापारी वर्ग
के लिए कार्य-व्यापार में मजबूती प्रदान करेगा | आयात-निर्यात का व्यापार करने वालों के लिए वर्ष बेहतरीन सफलता देगा | बृहस्पति का मंगल के साथ
भाग्यभाव में गोचर करना भी कुम्भ राशि वालों के लिए वरदान की तरह है विशेष करके विद्यार्थी वर्ग या प्रतियोगिता में बैठने वालों की सफलता
की संभावना अधिक रहेगी | अक्तूबर से गुरु का कर्मभाव में जाना नौकरी में पदोन्नति के साथ-साथ स्थान परिवर्तन के योग भी बनाएगा | वर्ष के
आरम्भ से ही बहुत सारी संभावनायें आपके पक्ष में हैं इसलिए सफलता का ग्राफ 80 प्रतिशत तक रहेगा |

शुभअंक- 8 है वर्ष के किसी भी माह की 17 और 26 तारीखें अधिक सफलता दायक रहेगीं | शुभदिन- बुधवार, शुक्रवार एवं शनिवार |
शुभरंग- हरा, नीला, काला, फिरोजी, जामुनिया | शुभरत्न- नीलम, हीरा, ओपल, लाजवर्त, पन्ना और फिरोजा |
स्वास्थ्य- एसिडिटी, जोड़ों में दर्द, हृदय, नेत्र रोग मिर्गी और विष से बचें |

करियर- शिक्षण कार्य, होटेल्स, पेट्रोल, गैस, कोयला, केमिकल्स, ट्रांसपोर्ट, रियल स्टेट, सीमेंट और शराब बनाने वाली कंपनियों अथवा इन के
सेक्टर्स सर्विस हेतु आवेदन करें |

जब आप मुस्करा उठेंगे- नवंबर-दिसंबर बन रहे और भी शुभ ग्रह-गोचर का प्रभाव आपके घर में मांगलिक कार्य और परिवार में नए मेहमान के
आगमन का सुयोग बनायेंगे, इस अवधि में इस अवधि में बढ़ते सामाजिक कद और मिलते भौतिक सुख आपको मुस्कराने पर विवश कर देंगे |
जनवरी- बेहतरीन कामयाबियों वाला माह, आपकी योजनायें सफल रहेगीं, व्यापार अथवा नौकरी में उन्नत्ति के योग |
फरवरी- मकान-वाहन का सुख आय में वृद्धि, मित्रों एवं ईष्ट जनो से सहायता, मुकदमों में विजय और कार्य सिद्धि |
मार्च- कुछ अशुभ समाचारों से मानसिक पीड़ा, लिए गये पारिवारिक निर्णय सराहनीय, अपनी ऊर्जाशक्ति का प्रयोग करें |
अप्रैल- अपने जिद-क्रोध पर नियंत्रण रखें, ग्रह-गोचर धैर्य की परीक्षा लेंगे, सरकारी दफ्तरों में हुए कार्य आपके पक्ष में |
मई- वाणी का प्रयोग कुशलता से करें, धनाढ्य एवं समृद्धशाली लोग मददगार साबित होंगे, भौतिक सुख पर अधिक व्यय |
जून- भूमि-भवन वाहन का सुख, शिक्षा-प्रतियोगिता में सफलता नौकरी में पदोन्नति, नए अनुबंध पर हस्ताक्षर के योग |
जुलाई- संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के योग, विवाह सम्बन्धी वार्ता सफल रहेगी, मित्रों सहयोगियों से लाभ विदेश यात्रा |
अगस्त- व्यर्थ परेशानियों और पारिवारिक उलझनों से मानसिक पीड़ा रहेगी, मांगलिक कार्यों एवं समाज सेवा पर व्यय |
सितंबर- किसी भी तरह की शिक्षा प्रतियोंगीता में कामयाबी, किन्तु स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतें, मुकदमो में विजयश्री |
अक्टूबर- भाग्यवृद्धि समृद्धिशाली लोंगो का सानिध्य एवं उनसे लाभ, अपनी कार्य योजनायें गुप्त रखें, विलासिता अपव्यय |
नवंबर- ग्रह गोचर का सुप्रभाव कामयाबियों का दौर जारी रखने में मदद करेगा, राजनैतिक एवं सामाजिक कद बढ़ेगा |
दिसंबर- मांगलिक कार्यों का सुअवसर मकान-वाहन का क्रय, नौकरी में पदोंन्नति व्यापार में उन्नति एवं तीर्थयात्रा के योग |
उपाय- शनि स्तोत्र एवं कवच का पाठ अथवा उनका मंत्र जाप करना सभी शनि जनित दोषों से मुक्ति दिलाएगा पंचामृत से भगवान् रूद्र का
अभिषेक करना सभी कष्टों से मुक्ति दिलाएगा | पं जयगोविंद शास्त्री

मीन राशि- दी, दू, थ, झ, यँ, दे, दो, चा, ची | (बारहवीं राशि)2018
वर्षांत अक्तूबर तक राशि स्वामी बृहस्पति मंगल के साथ अष्टम मृत्युभाव में रहेंगे, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष कई कड़वे अनुभव करायेगा |
यह योग स्वास्थ्य सम्बन्धी चिंता, आर्थिक तंगी, व्यर्थ भागदौड़, दाम्पत्य जीवन में कटुता तथा प्रेम सम्बन्धों में वियोग का सामना करने
जैसे हालात उत्पन्न करेगा, ऐसे में आपको अधिकाधिक धैर्य की आवश्यकता है | सूर्य, शनि एवं शुक्र की दशमभाव में युति कार्य-व्यापर के
लिए नई चुनौतियाँ पेश करेगी मंदी और क़र्ज़ तनाव दे सकते हैं किन्तु अक्तूबर से गुरु के भाग्यभाव में जाने से सभी बिगड़े कार्य बनेंगे |
व्यापारी वर्ग नए कार्य-व्यापार का आरम्भ कर सकते हैं | विद्यार्थियों अथवा प्रतियोगिता में बैठने वालों के लिए वर्ष कई अप्रत्याशित परिणाम
देगा रुके कार्य बनेंगे, तथा परिणाम आपके पक्ष में आयेगा | माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति हमेशा चिंतनशील रहें | कई कटु अनुभवों और
उतार-चढ़ाव के साथ आपकी सफलता का ग्राफ 70 प्रतिशत तक रहेगा |

शुभअंक- 3 है वर्ष के किसी भी माह की 12 और 21 तारीखें बेहतरीन सफलता दायक रहेंगी |
शुभदिन- रविवार, मंगलवार, गुरुवार | शुभरंग- पीला, लाल, गेरुआ, श्वेत |
स्वास्थ्य- लीवर, पेनक्रियाज, किडनी, स्लिपडिस्क, गैस और पैरों में चोट लगने से बचें |
करियर- शिक्षण, प्रबंधन, सम्पादन, प्रकाशन, बैंकिंग, एकाउंटिंग |
जब आप मुस्करा उठेंगे- मई-जून में ग्रह-गोचर कामयाबी के बेहतरीन योग बना रहे हैं, परिणामस्वरूप आपकी कार्य योजनायें सफल रहेंगी |
कार्य-व्यापार तथा सामाजिक दायरा बढेगा अतः, मित्रों एवं सम्बन्धियों से मिलने वाले शुभ समाचार मुस्कराने पर विवश कर देंगे |

जनवरी- कुछ विषम परिस्थितियाँ मानसिक पीड़ा देंगी किन्तु नौकरी में पदोन्नति, शिक्षा-प्रतियोगिता में कामयाबी |
फ़रवरी- कार्य व्यापार में उन्नति, नए अनुबंध प्राप्ति के योग एवं आकस्मिक धन प्राप्ति, मकान-वाहन का क्रय |
मार्च- नेत्र विकार एवं ह्रदय सम्बन्धी रोगों से बचें, नए प्रेम प्रसंग का आरम्भ, विलासिता पूर्ण वस्तुओं पर व्यय |
अप्रैल- ऊर्जाशक्ति में वृद्धि किन्तु शारीरिक पीड़ा और हड्डी से सम्बंधित रोंगों से बचें, संतान प्राप्ति-प्रादुर्भाव के योग |
मई- कामयाबी की दृष्टि से बेहतरीन समय, रणनीतियाँ गुप्त रखें, साहस-पराक्रम वृद्धि तथा मुकदमों में विजयश्री |
जून- आर्थिकपक्ष मजबूत, रुका हुआ धन आयेगा, प्रतीक्षित परिणाम आपके लिए अनुकूल रहेंगे, विदेश यात्रा के योग |
जुलाई- लेन-देन के मामलों में अधिक विश्वास न करें, आर्थिक तंगी से सावधान रहें विलासिता पर अपव्यय से बचें |
अगस्त- शत्रुओं पर विजय किन्तु स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, पारिवारिक उलझने रहेंगी किन्तु प्रेम विवाह के योग |
सितंबर- रोमांस-प्रेमविवाह के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल, माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें, प्रतियोगिता में सफलता |
अक्टूबर- गोचर ग्रहों में परिवर्तन से बेहतरीन सुधार आयेगा, मान सम्मान की वृद्धि और उच्चाधिकारियों से मधुर संबंध |
नवंबर- नए अनुबंध पर हस्ताक्षर के बेहतरीन अवसर, विवाह सम्बन्धी वार्ता सफल और संतान प्राप्ति प्रादुर्भाव के योग |
दिसंबर- कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय, परिवार में मांगलिक कार्यों से प्रसन्नता, विद्यार्थितियों के समय अनुकूल |
उपाय---------अहिंसा, वृक्षारोपण, बृहस्पति का मंत्र जाप एवं व्रत और पुस्तक दान करने से समय सर्वथा अनुकूल रहेगा | पं जयगोविंद शास्त्री

शनिवार, 14 अक्टूबर 2017

अकारो ब्रह्म च प्रोक्तं यकारो विष्णुरुच्यते | धकारो रुद्ररुपश्च अयोध्यानाम राजते |
अर्थात 'अ' कार ब्रह्मा है, 'य' कार विष्णु है, तथा 'ध' कार रूद्र का स्वरूप है | भगवान् विष्णु के चक्रसुदर्शन पर विराजमान आदिपुरी 'अयोध्या' परमपिता ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव इन तीनों का समन्वित स्वरूप ही है..भगवान् राम कहते हैं कि,
जद्यपि सब बैकुंठ बखाना | बेद पुरान बिदित जग जाना || 
अवधपुरी सम प्रिय नहिं सोउ | यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ ||
जन्मभूमि मम पुरी सुहावनि | उत्तर दिशि बह सरजू पावनि || 
जा मज्जन ते बिनहिं प्रयासा |मम समीप नर पावहि बासा ||